225, Prachin Shiv Mandir, Kewal Park, Near Pani ki Tanki, Ajadpur, Delhi-33
महंत पंडित कुंज बिहारी शर्मा जी द्वारा विधि-विधान एवं वैदिक परंपराओं के अनुसार विभिन्न प्रकार के पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान, संस्कार एवं कर्मकांड सेवाएँ श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई जाती हैं। हमारा उद्देश्य श्रद्धालुओं को उनकी धार्मिक आवश्यकताओं के अनुसार उचित पूजा-विधि, मंत्रोच्चार एवं संपूर्ण कर्मकांड की सुविधा प्रदान करना है। चाहे गृह प्रवेश हो, विवाह संस्कार, नवग्रह शांति, सत्यनारायण कथा, हवन-पूजन, महामृत्युंजय जाप, पितृ कर्म, श्राद्ध, वास्तु शांति या अन्य कोई धार्मिक अनुष्ठान—प्रत्येक पूजा को परंपरागत विधि-विधान और श्रद्धा के साथ संपन्न कराने का प्रयास किया जाता है।
महंत पंडित कुंज बिहारी शर्मा जी हिंदू धार्मिक परंपराओं, पूजा-पाठ एवं कर्मकांड से संबंधित विभिन्न धार्मिक सेवाएँ प्रदान करते हैं। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक धार्मिक अनुष्ठान को शास्त्रीय परंपराओं एवं उचित विधि-विधान के अनुसार श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाए। पूजा केवल एक धार्मिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का माध्यम भी मानी जाती है। इसी भावना के साथ हम प्रत्येक पूजा एवं अनुष्ठान में आवश्यक मंत्रोच्चार, संकल्प, हवन, आहुति तथा धार्मिक विधियों का उचित ध्यान रखते हैं। हम दिल्ली एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यक्तिगत, पारिवारिक तथा सामाजिक अवसरों के लिए विभिन्न प्रकार की पूजा-पाठ और कर्मकांड सेवाएँ उपलब्ध कराने का प्रयास करते हैं।
हवन एक पवित्र वैदिक अनुष्ठान है, जिसमें अग्नि देव को समर्पित मंत्रों, आहुति एवं पूजा विधि के माध्यम से घर और वातावरण की शुद्धि, सुख-शांति, समृद्धि एवं सकारात्मक ऊर्जा के लिए प्रार्थना की जाती है।
महंत पंडित कुंज बिहारी शर्मा जी द्वारा हवन पूजन संपूर्ण वैदिक विधि-विधान, मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक पूजा पद्धति के अनुसार घर, मंदिर एवं अन्य शुभ अवसरों पर कराया जाता है।
सत्यनारायण कथा भगवान श्री सत्यनारायण को समर्पित एक पवित्र धार्मिक अनुष्ठान है। यह पूजा परिवार में सुख-शांति, समृद्धि, मंगल एवं ईश्वर की कृपा की कामना के लिए श्रद्धापूर्वक की जाती है। कथा में पारंपरिक मंत्र, पूजा, व्रत कथा एवं धार्मिक विधि-विधान का पालन किया जाता है।
महंत पंडित कुंज बिहारी शर्मा जी द्वारा सत्यनारायण कथा संपूर्ण वैदिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ घर, मंदिर तथा अन्य शुभ अवसरों पर श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई जाती है।
रुद्राभिषेक पूजन भगवान शिव को समर्पित एक पवित्र वैदिक अनुष्ठान है, जिसमें मंत्रोच्चार के साथ जल, दूध, शहद एवं अन्य पवित्र द्रव्यों से भगवान शिव का अभिषेक किया जाता है। यह पूजा सुख-शांति, समृद्धि, आध्यात्मिक कल्याण एवं भगवान शिव की कृपा की मंगलकामना के लिए की जाती है।
महंत पंडित कुंज बिहारी शर्मा जी द्वारा रुद्राभिषेक पूजन संपूर्ण वैदिक विधि-विधान, मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक पूजा पद्धति के अनुसार घर, मंदिर तथा अन्य शुभ स्थानों पर श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है।
गृह प्रवेश पूजन नए घर में प्रवेश से पहले किया जाने वाला एक पवित्र वैदिक अनुष्ठान है। इस पूजा के माध्यम से घर में सुख-शांति, समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा एवं ईश्वर की कृपा की मंगलकामना की जाती है। पूजा में गणेश पूजन, वास्तु पूजन, कलश स्थापना, हवन एवं अन्य आवश्यक धार्मिक विधियाँ शामिल की जाती हैं।
महंत पंडित कुंज बिहारी शर्मा जी द्वारा गृह प्रवेश पूजन संपूर्ण वैदिक विधि-विधान, मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक पूजा पद्धति के अनुसार घर तथा अन्य शुभ स्थानों पर श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है।
विवाह संस्कार हिंदू धर्म के प्रमुख वैदिक संस्कारों में से एक है, जिसमें दो परिवारों एवं वर-वधू के पवित्र वैवाहिक बंधन को धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न कराया जाता है। विवाह में गणेश पूजन, कन्यादान, मंगल फेरे, सप्तपदी, विवाह मंत्र एवं अन्य आवश्यक वैदिक विधियाँ शामिल होती हैं।
महंत पंडित कुंज बिहारी शर्मा जी द्वारा विवाह संस्कार संपूर्ण वैदिक विधि-विधान, मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार घर, विवाह स्थल एवं अन्य शुभ स्थानों पर श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है।
कलश स्थापना एक पवित्र वैदिक धार्मिक विधि है, जिसे शुभ कार्यों एवं पूजा-अनुष्ठानों के आरंभ में मंगल, शांति, समृद्धि एवं सकारात्मक ऊर्जा की कामना के लिए किया जाता है। कलश में पवित्र जल, आम के पत्ते, नारियल एवं अन्य पूजा सामग्री स्थापित कर मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा की जाती है।
महंत पंडित कुंज बिहारी शर्मा जी द्वारा कलश स्थापना संपूर्ण वैदिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ घर, मंदिर, नवरात्रि, गृह प्रवेश तथा अन्य शुभ धार्मिक अवसरों पर श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई जाती है।
दुर्गा पूजन पाठ माता दुर्गा की आराधना एवं उपासना से संबंधित एक पवित्र धार्मिक अनुष्ठान है। इस पूजा में देवी दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना, मंत्रोच्चार, पाठ, पूजन एवं हवन के माध्यम से सुख-शांति, शक्ति, समृद्धि एवं परिवार के मंगल की कामना की जाती है।
महंत पंडित कुंज बिहारी शर्मा जी द्वारा दुर्गा पूजन पाठ संपूर्ण वैदिक विधि-विधान, मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक पूजा पद्धति के अनुसार घर, मंदिर तथा अन्य शुभ अवसरों पर श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है।
नवग्रह पूजन शांति एक पवित्र वैदिक अनुष्ठान है, जिसमें नौ ग्रह देवताओं की पूजा एवं आराधना की जाती है। यह पूजा ग्रहों से संबंधित धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शांति, सुख-समृद्धि, मानसिक संतुलन एवं सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना के लिए की जाती है। इसमें मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं अन्य वैदिक विधियों का पालन किया जाता है।
महंत पंडित कुंज बिहारी शर्मा जी द्वारा नवग्रह पूजन शांति संपूर्ण वैदिक विधि-विधान, मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक पूजा पद्धति के अनुसार घर, मंदिर तथा अन्य शुभ स्थानों पर श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई जाती है।
भूमि पूजन किसी नए भवन, घर, दुकान, कार्यालय या अन्य निर्माण कार्य को प्रारंभ करने से पहले किया जाने वाला एक पवित्र वैदिक अनुष्ठान है। इस पूजा में माता पृथ्वी एवं देवी-देवताओं का पूजन कर सुख-शांति, समृद्धि, सफलता एवं शुभ आरंभ की मंगलकामना की जाती है।
महंत पंडित कुंज बिहारी शर्मा जी द्वारा भूमि पूजन संपूर्ण वैदिक विधि-विधान, मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक पूजा पद्धति के अनुसार आवासीय, व्यावसायिक एवं अन्य निर्माण स्थलों पर श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है।
दीपावली पूजन माता लक्ष्मी एवं भगवान गणेश की आराधना का एक पवित्र धार्मिक अनुष्ठान है। दीपावली के शुभ अवसर पर यह पूजा धन-समृद्धि, सुख-शांति, सफलता एवं परिवार के मंगल की कामना के लिए श्रद्धापूर्वक की जाती है। पूजा में गणेश पूजन, लक्ष्मी पूजन, दीप प्रज्वलन, मंत्रोच्चार एवं अन्य धार्मिक विधियों का पालन किया जाता है।
महंत पंडित कुंज बिहारी शर्मा जी द्वारा दीपावली पूजन संपूर्ण वैदिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ घर, कार्यालय, दुकान एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है।
गरुड़ पुराण पाठ हिंदू धर्म की एक महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा है, जिसमें गरुड़ पुराण का श्रद्धापूर्वक पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान किया जाता है। यह पाठ आत्मिक शांति, सद्गति एवं दिवंगत आत्मा की शांति की मंगलकामना के लिए धार्मिक परंपराओं के अनुसार संपन्न किया जाता है।
महंत पंडित कुंज बिहारी शर्मा जी द्वारा गरुड़ पुराण पाठ पारंपरिक धार्मिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ परिवार की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घर तथा अन्य निर्धारित स्थानों पर श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है।
हनुमान चालीसा पाठ भगवान श्री हनुमान जी को समर्पित एक पवित्र एवं भक्तिमय पाठ है। श्रद्धा और भक्ति के साथ हनुमान चालीसा का पाठ साहस, शक्ति, मानसिक शांति, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना के लिए किया जाता है। इसमें पारंपरिक प्रार्थना, मंत्रोच्चार एवं धार्मिक विधियों का पालन किया जाता है।
महंत पंडित कुंज बिहारी शर्मा जी द्वारा हनुमान चालीसा पाठ धार्मिक विधि-विधान एवं श्रद्धा के साथ घर, मंदिर तथा अन्य शुभ स्थानों पर व्यक्तिगत एवं सामूहिक रूप से संपन्न कराया जाता है।
पंचदेव पूजन हिंदू धर्म की एक महत्वपूर्ण वैदिक पूजा परंपरा है, जिसमें प्रमुख देवताओं की श्रद्धापूर्वक आराधना की जाती है। इस पूजा के माध्यम से परिवार में सुख-शांति, समृद्धि, मंगल एवं सकारात्मक ऊर्जा की कामना की जाती है। पूजा में पारंपरिक मंत्रोच्चार, पूजन सामग्री, पुष्प, नैवेद्य एवं अन्य धार्मिक विधियों का पालन किया जाता है।
महंत पंडित कुंज बिहारी शर्मा जी द्वारा पंचदेव पूजन संपूर्ण वैदिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ घर, मंदिर तथा अन्य शुभ स्थानों पर श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है।
सुंदरकांड पाठ श्रीरामचरितमानस का एक महत्वपूर्ण एवं पवित्र धार्मिक पाठ है, जिसमें भगवान श्री हनुमान जी की भक्ति, साहस, सेवा एवं दिव्य शक्ति का वर्णन किया गया है। श्रद्धा के साथ सुंदरकांड पाठ करने से परिवार में सुख-शांति, सकारात्मक वातावरण, आत्मबल एवं भगवान की कृपा की मंगलकामना की जाती है।
महंत पंडित कुंज बिहारी शर्मा जी द्वारा सुंदरकांड पाठ पारंपरिक धार्मिक विधि-विधान, मंत्रोच्चार एवं श्रद्धापूर्वक पाठ के साथ घर, मंदिर तथा अन्य शुभ स्थानों पर व्यक्तिगत एवं सामूहिक रूप से संपन्न कराया जाता है।
गायत्री पाठ एवं गायत्री मंत्र जाप एक पवित्र वैदिक धार्मिक अनुष्ठान है, जो माता गायत्री की आराधना एवं वैदिक मंत्रों के उच्चारण पर आधारित है। श्रद्धा और भक्ति के साथ इसका पाठ मानसिक शांति, एकाग्रता, आध्यात्मिक उन्नति एवं सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना के लिए किया जाता है।
महंत पंडित कुंज बिहारी शर्मा जी द्वारा गायत्री पाठ संपूर्ण वैदिक विधि-विधान, शुद्ध मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक धार्मिक पद्धति के अनुसार घर, मंदिर तथा अन्य शुभ स्थानों पर श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है।
तेरहवीं पूजन हिंदू धार्मिक परंपरा के अनुसार किसी प्रियजन के निधन के पश्चात तेरहवें दिन किया जाने वाला महत्वपूर्ण धार्मिक संस्कार है। इस अवसर पर दिवंगत आत्मा की शांति एवं सद्गति की प्रार्थना के साथ विभिन्न धार्मिक विधियों, पूजा-पाठ एवं कर्मकांड को श्रद्धापूर्वक संपन्न किया जाता है।
महंत पंडित कुंज बिहारी शर्मा जी द्वारा तेरहवीं पूजन एवं संबंधित धार्मिक कर्मकांड पारंपरिक विधि-विधान एवं परिवार की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है। पूरे आयोजन के दौरान आवश्यक धार्मिक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाता है।